Monday, August 5, 2013

The Grace of Shiva


Today I feel so wonderful taste of ananda (bliss) everywhere. Today I feel some deep emotion in my heart. Today Lord Shiva is shining inside and outside...I look at the calendar and understand that today is Shravana Shivratri!
So let me share with you this great shabar mantra dedicated to Shiva Adinath:



शिव आदेश
ॐ अलख निरंजन शिव को आदेश।
अविगत महापुरुष मूल पुरुष पुरुषोत्तम आद पुरुष शिव को आदेश। ज्योति-परमज्योति-अयोनि रूद्र शिव को आदेश। विशूनी विश्वमूर्ति पाताल ग्रहणी शिव को आदेश। मुखेवेद पुराण नासिका गंगा - जमना - सरस्वती शिव को आदेश। ललाटी चंद मस्तके त्रिकुटा देवता धारी शिव को आदेश। नक्षत्री माला  अठारह भार वनस्पती  हृदय के तैतीस करोड़ देवता धारी शिव को आदेश। सेली सिंगी मीन मेखला बाघाम्बरधारी  रोम - रोम सप्त सागरा शिव को आदेश। शिव के बायीं ओर निर्गुण ब्रहम् दाहिनी ओर शक्ति महामाया बीच में स्वयं पूर्ण अखण्ड ज्योति स्वरूप शिव को आदेश। विभूति धारी  बीज मंत्र  घोर मंत्र अघोर मंत्र  क्षीर मंत्र  गायत्री मंत्र  अभय जाप  तंत्र - मंत्र स्वरूप शिव को आदेश। नर - नारी  भूत - प्रेत  यक्ष किन्नर इन्द्रादि देवता ब्रह्माण्ड व्यापक शिव को आदेश। साधु - संत  योगी - ज्ञानी  तपस्वी  त्यागी  अवधूत हर भक्त के ईष्ट शिव को आदेश। जीवों का आराध्या शिव को आदेश। सूक्ष्म में सूक्ष्म विराटों में व्यापक महातत्त्व शिव को आदेश। सृष्टि उत्पत्ति संहार पालन पंच महातत्त्व शिव को आदेश। चार खानी  चार बानी चन्द सूर पवन पानी शिव को आदेश। चराचर सृष्टि का बिज शिव को आदेश। करोड़ों सूर्य प्रकाशनाथ योग आदर्श शिव को आदेश। परमात्मपूर्ण आनंद सर्व शक्तिमान चैतन्य रूप जितेन्द्र मोक्ष कैवल्य मुक्तिदाता भिन्न - अभिन्न शिव को आदेश। महाज्ञानी कृपा साक्षात्कार शिव को आदेश। सर्वनाथ सिद्धों का सतगुरु आदिनाथजि ॐकार शिव को आदेश। इतना शिव सबद निरूपा सम्पूर्ण भया। श्रीनाथजी गुरुजी को आदेश।
श्रीशंभुजती गुरु गोरखनाथ बाल स्वरूप बोलिए। इतना नौ नाथ स्वंरूप मंत्र सम्पूर्ण भया  अनन्त कोट सिद्धों में बैठकर गुरु गोरखनाथजि ने कहाया नाथजी गुरुजी आदेश।

śiva ādeś

om alakh niraṅjan śiv ko ādeś |
avigat mahāpuruṣ mūl puruṣ puruṣottam ād puruṣ śiv ko ādeś | jyoti-paramajyoti-ayoni rūdr śiv ko ādeś | viśūnī viśvamūrti pātāl grahṇī śiv ko ādeś | mukheved purāṇ nāsikā gaṅgā - jamanā - sarasvatī śiv ko ādeś | lalāṭī caṅd mastake trikuṭā devatā dhārī śiv ko ādeś | nakṣatrī mālā aṭhārah bhār vanaspatī hṛday ke taitīsa karoṛ devatā dhārī śiv ko ādeś | selī siṅgī mīn mekhlā bāghāmbaradhārī rom - rom sapt sāgarā śiv ko ādeś | śiv ke bāyīṁ or nirguṇ brahma dāhinī or śakti mahāmāyā bīca meṁ svayaṁ pūrṇ akhaṇḍ jyoti svarūp śiv ko ādeś | vibhūti dhārī bīj mantr ghor mantr aghor mantr kṣīr mantr gāyatrī mantr abhay jāp tantr - mantra svarūp śiv ko ādeś | nar - nārī bhūt - pret yakṣ kinnar indrādi devatā brahmāṇḍ vyāpak śiv ko ādeś | sādhu - saṅt yogī - jñānī tapasvī tyāgī avadhūt har bhakt ke īṣṭa śiv ko ādeś | jīvoṁ kā ārādhyā śiv ko ādeś | sūkṣma meṁ sūkṣma virāṭoṁ meṁ vyāpak mahātattv śiv ko ādeś | sṛṣṭi utpatti saṁhār pālan paṅc mahātattva śiv ko ādeś | cār khānī cāra bānī cand sūr pavan pānī śiv ko ādeś | carācar sṛṣṭi kā bij śiv ko ādeś | karoṛoṁ sūrya prakāśnāth yog ādarś śiv ko ādeś | paramātmapūrṇ ānaṅd sarva śaktimān caitanya rūp jitendra mokṣa kaivalya muktidātā bhinn - abhinn śiv ko ādeś | mahājñānī kṛpā sākṣātkār śiv ko ādeś | sarvanāth siddhoṁ kā sataguru ādināthji omkār śiv ko ādeś | itnā śiv sabad nirūpā sampūrṇ bhayā | śrīnāthajī gurujī ko ādeś |
śrī śaṁbhujatī guru gorakhanāth bāl svarūp bolie | itnā nau nāth svaṁrūp maṅtr sampūrṇ bhayā anant koṭ siddhoṁ meṁ baiṭhakar guru gorakhanāth ji ne kahāyā nāthajī gurujī ādeś |


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